आज का हिन्दू पंचांग Panchang 06 12 2022

🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞


⛅दिनांक – 06 दिसम्बर 2022
⛅दिन – मंगलवार
⛅विक्रम संवत् – 2079
⛅शक संवत् – 1944
⛅अयन – दक्षिणायन
⛅ऋतु – हेमंत
⛅मास – मार्गशीर्ष
⛅पक्ष – शुक्ल
⛅तिथि – चतुर्दशी 07 दिसम्बर सुबह 08:01 तक तत्पश्चात पूर्णिमा
⛅नक्षत्र – भरणी सुबह 08:38 तक तत्पश्चात कृतिका
⛅योग – शिव रात्रि 02:53 तक तत्पश्चात सिद्ध
⛅राहु काल – दोपहर 03:12 से 04:33 तक
⛅सूर्योदय – 07:06
⛅सूर्यास्त – 05:54
⛅दिशा शूल – उत्तर दिशा में
⛅ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:21 से 06:14 तक
⛅निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:05 से 12:57 तक
⛅व्रत पर्व विवरण – पिशाच मोचिनी श्राद्ध तिथि
⛅विशेष – चतुर्दशी के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🔹तुलसी पूजन की महत्ता🔹
(तुलसी पूजन दिवस : २५ दिसम्बर)

🔹तुलसी का पौधा वातावरण में सात्त्विकता पैदा करता है । उसके आगे या निकट पढ़ने, विचारने, दीप जलाने और उसकी परिक्रमा करने से दसों इन्द्रियों के विकार दूर होने में मदद मिलती है एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है ।

🔹जो मनुष्य भक्तिपूर्वक तुलसी की दूर्वा, अक्षत, पुष्प व नैवेद्य से पूजा करता है वह विष्णु – पूजा का फल पाता है ।
(पद्म पुराण, क्रिया खंड : २४.२९)

🌹 पूज्य बापूजी के सत्संग– अमृत में आता है : पद्म पुराण के अनुसार ‘तुलसी दर्शनमात्र से पाप-समुदाय का नाश कर देती है, स्पर्श करनेमात्र से शरीर को पवित्र बनाती है और प्रणाम करने से रोगों की निवृत्ति करती है तथा जल से सींचने पर यमराज को भी भय पहुँचाती है ।’

🔹तुलसी आयु, आरोग्य व पुष्टि देती है अपने घर में तुलसी के २-४ पौधे जरूर होने चाहिए । घर में तुलसी का पौधा लगाने से निरोगता, रहती है, लक्ष्मीजी और भगवान भी प्रसन्न होते हैं ।

🔹तुलसी के पौधे में ऑक्सीजन देने का बहुत सामर्थ्य है और उससे साधना में मददरूप तरंगें उत्पन्न होती हैं ।

🔹भोजन में तुलसी का पत्ता रखकर भगवान को भोग लगा के वह भोजन करो तो भगवत्प्रसादवाला भोजन आपके मन में भगवत्प्राप्ति की भूख जगा देगा । – ऋषि प्रसाद – दिसम्बर 2020

🌹 पिशाच मोचिनी तिथि (श्राद्ध) – 06 दिसम्बर 2022

🔹इस दिन प्रेत योनि को प्राप्त जीवों (पूर्वजों) के निमित्त तर्पण आदि करने से उनकी सदगति होती है । जिनके घर-परिवार, आस-पड़ोस या परिचय में किसी की अकाल मृत्यु हुई हो या कोई भूत-प्रेत अथवा पितृबाधा से पीड़ित हो, वे पिशाच मोचिनी तिथि को उनकी सदगति, आत्मशांति और मुक्ति के लिए संकल्प करके श्राद्ध – तर्पण अवश्य करें । भूत-प्रेतादिक से ग्रस्त व्यक्ति इसे अवश्य करें ।

🔹शुष्क आँखों (dry eye) के लिए अनुभूत प्रयोग🔹


🔹(१) आश्रम द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराये जानेवाले नेत्रबिंदु का उपयोग करें । (२) शुद्ध शहद व गुलाबजल दिन में १-२ बार डालने से भी लाभ होता है ।

🔹फटी एड़ियों से पायें निजात🔹


🔹अधिक समय तक पैर पानी में भीगे रहना, ठीक से सफाई न होना, मिट्टी में काम करना, शरीर में कैल्शियम की कमी होना आदि कारणों से एड़ियाँ फट जाती हैं ।

🔹उपाय : नींबू का रस, गुलाब जल व अरंडी के तेल का मिश्रण १-१ चम्मच रोज रात को फटी हुई एड़ियों पर लगायें ।

🔹 १-१ चम्मच शुद्ध मोम व घी या सरसों का तेल गर्म करके रूई से १-१ बूँद फटी एड़ियों पर टपकायें, इससे सिंकाई भी हो जायेगी । थोड़ा दर्द अनुभव होगा किंतु बाद में आराम मिलेगा । यह प्रयोग रोजाना तब तक करें, जब तक एड़ियाँ पूरी तरह ठीक न हो जायें ।
📖 लोक कल्याण सेतु – दिसम्बर 2014